More Website Templates @ TemplateMonster.com - July 28, 2014!

नकली मंदिरों से सावधान !

 

नकली मंदिरों से सावधान !
यदि आप आर्य समाज मंदिर में विवाह कराने जा रहे हैं  तो इसे अवश्य पढ़ें । आजकल कुछ वकीलों ने या उनके मुंशियों ने कुछ नकली मंदिर खोल रखें हैं।  इनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि ये मंदिर एक छोटे से किराये के कमरे में चल रहे होते हैं।  ये लोग कोर्ट के आस पास ही कहीं छोटा सा कमरा किराये पर लेकर एक छोटा सा मंदिर खोल देते हैं।

कुछ दिन पूर्व ही माननीय दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वयं ही संज्ञान लेते हुए दिनांक 02 /10 /2013 को ऐसे पांच मंदिरों पर रोक लगायी थी।  रोक लगने के बाद अब इन लोगो ने वहां के मंदिर बंद कर कोर्ट के बिल्कुल ही जड़ में किराये के कमरे लेकर नये  मंदिर खोल दिए हैं। इन मंदिरों के पास "आर्य समाज मंदिर " के नाम से रजिस्ट्रेशन भी नहीं होता है अपितु  इन मंदिरों के पास " आर्य समाज मंदिर " के नाम से मिलता-जुलता दूसरे नाम से रजि०  होता है जैसे “आर्य समाज सेवा समिति” तथा “आर्य समाज विवाह मंडल” आदि।

 
असली और नकली मंदिर में मुख्य अन्तर:-
असली मंदिर की पहली पहचान यह है कि वह कम से कम 400-500  गज में होता है न कि एक छोटा सा किराये का कमरा।  दूसरी बड़ी पहचान यह है कि उसके आस-पास "आर्य समाज मंदिर " के नाम से ही रजिस्ट्रेशन होता है।

आपको विशेष हिदायद दी जाती है कि जब भी आप किसी से फोन पर अपनी शादी के विषय में बात करें तो उससे यह प्रश्न अवश्य करें कि आपका मंदिर कितना बड़ा है और क्या यह कोर्ट के आस-पास  है ? अगर वह मंदिर कोर्ट के आस-पास है या एक छोटा सा कमरा है तो समझों कि शत प्रतिशत नकली है।  ऐसे मंदिरों में भूलकर भी न जायें ।

दूसरा उससे यह प्रश्न भी पूछें कि आपके मंदिर का रजि०  किस नाम से है ? क्योंकि इन मंदिरों का रजिस्ट्रेशन आर्य समाज मंदिर के नाम से नहीं होता है अपितु मिलते-जुलते किसी अन्य नाम से होता है जैसे – “आर्य समाज सेवा समिति” या “आर्य विवाह मंडल” आदि।  


मुख्य चेतावनी :
जैसा कि  आप सभी को विदित ही है कि कुछ दिन कुछ दिन पूर्व ही माननीय दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वयं ही संज्ञान लेते हुए दिनांक 02 /10 /2013 को ऐसे पांच मंदिरों पर रोक लगायी थी। अब इन लोगों ने कोर्ट के दायें बायें पूर्व की भांति छोटे-२ कमरे लेकर मंदिर खोल दिए हैं।  हो सकता है पूर्व की भांति ही कोर्ट इन मंदिरों पर फिर से रोक लगा दे। 

कई बार ऐसा होता है कि आपको अपनी शादी के रिकॉर्ड की जरुरत पड़ जाती है या कई बार शादी का सर्टिफिकेट खो जाता है तो ऐसी स्थिति में यदि आप उस मंदिर में अपनी शादी का सर्टिफिकेट या रिकॉर्ड लेने जायेंगे तो आपको वहां कुछ भी नहीं मिलेगा।  क्योंकि वह मंदिर तो एक प्रकार से किराये का कमरा था और उस कमरे का मालिक उस कमरे को किसी दूसरे आदमी को किराये पर दे चुका होगा।  
इन नकली मंदिरों ने अपनी वेबसाइट पर ऐसे मंदिरों के फोटो लगा रखे हैं जो कि  इनके है ही नहीं अर्थात किसी दूसरे मंदिरों के फोटो लगा रखें हैं।  Arya Samaj Mandir से मिलते-जुलते नामों से इंटरनेट पर अनेक फर्जी वेबसाइट एवं गुमराह करने वाले आकर्षक विज्ञापन प्रसारित हो रहे हैं । इनसे आप सावधान रहें। 
आप सभी से निवेदन है कि आप ऐसे  स्थानो पर शादी ना  करवायें अपितु एक सही आर्य समाज मंदिर में जाकर ही शादी करवायें।  
आर्य समाज मंदिर हरित विहार :- यह मंदिर विशुद्ध रूप से एक आर्य समाज मंदिर है।  इसका रजिस्ट्रेशन भी " आर्य समाज मंदिर " के ही नाम से है।  यह मंदिर 500 गज का बना हुआ है।